S01, 11. केवल पुस्तकों को पढ़कर और प्रवचन सुनकर ही ध्यान करने लगना कितना उचित है || Start meditating - SatsangdhyanGeeta

Ad1

S01, 11. केवल पुस्तकों को पढ़कर और प्रवचन सुनकर ही ध्यान करने लगना कितना उचित है || Start meditating

Ad2

11. केवल पुस्तकों को पढ़कर और प्रवचन सुनकर ही ध्यान करने लगना कितना उचित है?

प्यारे लोगो !

महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर प्रवचन नंबर  १. संतमत में ईश्वर की स्थिति
१. संतमत में ईश्वर की स्थिति

  11. "ध्यान - साधना में ज्योति और शब्द के ग्रहण की विशेषता , मुख्यता और विशेष आग्रह है । युक्ति जानकर सब लोगों को इस ध्यान का अभ्यास करना चाहिये ; क्योंकि इसी साधना के द्वारा निर्वाणपद पर पहुँचना और अपना परम कल्याण बना लेना पूर्ण सम्भव है । परम प्रभु परमात्मा की दया सब लोगों पर हो ।"



 
    प्रभु प्रेमियों ! सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसी महाराज का यह प्रवचन ग्राम डोभाघाट (जिला पूर्णियाँ) अ० भा० सं० स० विशेषाधिवेशन के अवसर पर दिनांक ५.१२.१६४६ ई० के सत्संग में हुआ था ।जिसमें उन्होंने उपरोक्त बातें कही थी । महर्षि मेँहीँ सत्संग सुधा सागर के सभी प्रवचनों में कहाँ क्या है? किस प्रवचन में किस प्रश्न का उत्तर है? इसे संक्षिप्त रूप में जानने के लिए  👉यहाँ दवाएँ। 



सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के विविध विषयों पर विभिन्न स्थानों में दिए गए प्रवचनों का संग्रहनीय ग्रंथ महर्षि मेंहीं सत्संग-सुधा सागर
महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर
     अगर आप "महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर"' पुस्तक से महान संत सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस  जी महाराज के  अन्य प्रवचनों के बारे में जानना चाहते हैं या इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से जानना चाहते हैं तो  👉 यहाँ दबाएं।

सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की पुस्तकें मुफ्त में पाने के लिए  शर्तों के बारे में जानने के लिए.  👉 यहाँ दवाए

--×--
S01, 11. केवल पुस्तकों को पढ़कर और प्रवचन सुनकर ही ध्यान करने लगना कितना उचित है || Start meditating S01,  11. केवल पुस्तकों को पढ़कर और प्रवचन सुनकर ही ध्यान करने लगना कितना उचित है  ||  Start meditating Reviewed by सत्संग ध्यान on 5/25/2024 Rating: 5

Post Comments

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रभु-प्रेमी पाठको ! ईश्वर प्राप्ति के संबंध में ही चर्चा करते हुए कुछ टिप्पणी भेजें। श्रीमद्भगवद्गीता पर बहुत सारी भ्रांतियां हैं ।उन सभी पर चर्चा किया जा सकता है।
प्लीज नोट इंटर इन कमेंट बॉक्स स्मैम लिंक

Blogger द्वारा संचालित.