S315 14. मनुष्य की सारी अभिलाषाएँ कैसे पूर्ण होती है? How the wish is fulfilled, - SatsangdhyanGeeta

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S315 14. मनुष्य की सारी अभिलाषाएँ कैसे पूर्ण होती है? How the wish is fulfilled,

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14. मनुष्य की सारी अभिलाषाएँ कैसे पूर्ण होती है?

धर्मानुरागिनी प्यारी जनता ! 

संतवाणी की गंभीरता, संतवाणी पाठ की महिमा
संतवाणी पाठ की महिमा

"कोई चतुर न पावे पार, नगरिया बावरी । 

   14. सन्तों की वाणी में बड़ी गम्भीरता है। केवल शब्दार्थ से ही अर्थ नहीं होता है। शब्दार्थ जाने, सन्तों के पारिभाषिक शब्दार्थ जाने और कुछ-कुछ साधन भी करे, तब जानोगे। सन्तवाणी को कुछ नहीं जानकर, केवल भौतिक बुद्धि-विलास में रहकर अपने को सर्वज्ञ जानना गलत बात है। जाग्रत की बात जानो, स्वप्न की बात जानो, सुषुप्ति की बात जानो और इन तीनों के परे कैसे जाओगे, सो भी जानो। तीन अवस्थाएँ स्वाभाविक ही आती-जाती रहती हैं। लेकिन तुरीय अवस्था स्वभाविक ही नहीं आती। इसके लिए कुछ और करो अर्थात् योग करो। योग के साधन में ईश्वर की भक्ति है और योग के अन्त में ईश्वर की प्राप्ति है। ईश्वर-प्राप्ति को ही भक्त अपना असली धन मानता है। यहीं सारी अभिलाषाएँ पूर्ण होती हैं। 

परम स्वाद सबही जू निरन्तर, अमित तोष उपजावै ।
मन बानी को अगम अगोचर, सो   जाने   जो  पावै ।।"



     प्रभु प्रेमियों ! सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसी महाराज का  यह प्रवचन भारत की राजधानी दिल्ली में अ० भा० सन्तमत सत्संग के ६२वें वार्षिक महाधिवेशन के अवसर पर दिनांक ३. ३. १९७० ई० को प्रातः काल में हुआ था।   जिसमें उन्होंने उपरोक्त बातें कहा था। महर्षि मेँहीँ सत्संग सुधा सागर के सभी प्रवचनों में कहाँ क्या है? किस प्रवचन में किस प्रश्न का उत्तर है? इसे संक्षिप्त रूप में जानने के लिए  👉यहाँ दवाएँ। 



सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के विविध विषयों पर विभिन्न स्थानों में दिए गए प्रवचनों का संग्रहनीय ग्रंथ महर्षि मेंहीं सत्संग-सुधा सागर
महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर
     प्रभु प्रेमियों ! उपरोक्त प्रवचनांश  'महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर"' से ली गई है। अगर आप इस पुस्तक से महान संत सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस  जी महाराज के  अन्य प्रवचनों के बारे में जानना चाहते हैं या इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से जानना चाहते हैं तो    👉 यहां दबाएं।

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S315 14. मनुष्य की सारी अभिलाषाएँ कैसे पूर्ण होती है? How the wish is fulfilled, S315  14. मनुष्य की सारी अभिलाषाएँ कैसे पूर्ण होती है?  How the wish is fulfilled, Reviewed by सत्संग ध्यान on 6/01/2024 Rating: 5

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