G00, (क) 'श्रीगीता योग प्रकाश' की भूमिका। गीता परिचय और योग - SatsangdhyanGeeta

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G00, (क) 'श्रीगीता योग प्रकाश' की भूमिका। गीता परिचय और योग

'श्रीगीता योग प्रकाश' की भूमिका / क

     प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "श्री गीता योग प्रकाश" की भूमिका  00, (क) के अनुसार श्रीमद्भगवद्गीता एक परिचय ।श्रीमद्भगवद्गीता नामक पुस्तक क्या है ? इसका इतिहास क्या है? इसे किसने गाया है ? इत्यादि बातों की चर्चाएं की गई है। इसका प्रकाशकीय पढ़ने के लिए यहांं दबाए

गीता कवर चित्र
गीता कवर चित्र

आखिर श्रीमद्भगवद्गीता है क्या ?

     इस लेख को पढ़ कर जाने कि श्रीमद्भागवत गीता आखिर है क्या? इस में प्रकाशित लेख चित्र इस का परिचय देगा।

भूमिका चित्र एक
भूमिका चित्र एक
     उपर्युक्त लेख चित्र का पाठक समझ गये होंगे कि आखिर श्रीमद्भगवद्गीता क्या है? निम्नलिखित लेख चित्र से जानिए कि इस की महिमा क्या है? 

भूमिका चित्र दो
भूमिका चित्र दो
     श्रीमद्भागवत गीता की महिमा को बनाए रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए? इसके लिए जो बात गुरु महाराज ने बताया है। उसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार होना चाहिए।

भूमिका चित्र 3
भूमिका चित्र 3
     श्रीमद्भागवत गीता बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं इसके बारे में कुछ भी कहने के पहले उसका अनुभव ज्ञान प्राप्त किया जाना चाहिए।

भूमिका चित्र 4
भूमिका चित्र 4
     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "श्रीगीता योग प्रकाश" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  श्रीमद्भगवद्गीता नामक पुस्तक क्या है ? इसका इतिहास क्या है? इसे किसने गाया है और इसमें योग शब्द के क्या-क्या अर्थ है  । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस लेख के शेष भाग को पढ़ने के लिए        यहां दबाएं


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G00, (क) 'श्रीगीता योग प्रकाश' की भूमिका। गीता परिचय और योग G00, (क) 'श्रीगीता योग प्रकाश' की भूमिका। गीता परिचय और योग Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/07/2018 Rating: 5

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प्रभु-प्रेमी पाठको ! ईश्वर प्राप्ति के संबंध में ही चर्चा करते हुए कुछ टिप्पणी भेजें। श्रीमद्भगवद्गीता पर बहुत सारी भ्रांतियां हैं ।उन सभी पर चर्चा किया जा सकता है।
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