G10, श्रीमद्भागवत गीता विभूति योग अध्याय 10। -- महर्षि मेंही - SatsangdhyanGeeta

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G10, श्रीमद्भागवत गीता विभूति योग अध्याय 10। -- महर्षि मेंही

श्री गीता योग प्रकाश / अध्याय 10

       संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "श्री गीता योग प्रकाश" के अध्याय G10,  में बताया गया है कि  ईश्वर की, परमात्मा की अलौकिक शक्तियां क्या है? परमात्मा की विभूति अर्थात अलौकिक शक्तियां कई प्रकार की है। जिसका वर्णन इस अध्याय में किया गया है और सभी तेजवानों को परमात्मा की विभूति माना गया है। इससे परमात्मा की महिमा का पता चलता है। इसमें यह भी बताया गया है कि जो परमात्मा को अनादि, अनंत रूप में जानता है। वह सब पापों से मुक्त हो जाता है ।

गुरुदेव के विविध रूप
गुरुदेव के सिविल रूप



लेख चित्र एक
लेख चित्र एक
लेख चित्र दो
लेख चित्र दो

लेख चित्र समाप्त
लेख चित्र समाप्त
      प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "श्रीगीता योग प्रकाश" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  ईश्वर की, परमात्मा की अलौकिक शक्तियां क्या है? परमात्मा की विभूति अर्थात अलौकिक शक्तियां कई प्रकार की है  । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।


G10, श्रीमद्भागवत गीता विभूति योग अध्याय 10। -- महर्षि मेंही G10, श्रीमद्भागवत गीता विभूति योग अध्याय 10। -- महर्षि मेंही Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/26/2018 Rating: 5

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