G04, (ग) अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना --महर्षि मेंहीं - SatsangdhyanGeeta

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G04, (ग) अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना --महर्षि मेंहीं

श्री गीता योग प्रकाश / 4 (ग)

प्रभु प्रेमियों ! श्री वेदव्यास जी ने महाभारत में गीता का वर्णन करने के उपरांत कहा है--गीता सुनीता कर्तब्य किमन्यौ: शास्त्रविस्तेर: । या स्वयं पद्द्नाभस्य मुखपद्दद्दिनी: सृता !! गीता सुनीता करने योग्य है अर्थात श्री गीता जी को भली प्रकार पढ़कर, अर्थ और भावसहित अंत: करण में धारण कर लेना मुख्य कर्तब्य है, जो की स्वयं पद्द्नाभ भगवान श्री विष्णु के मुखारविंद से निकली हुई है; फिर अन्य शास्त्रों के विस्तार से क्या प्रयोजन है ???

इस पोस्ट को पढ़ने से आप निम्नांकित सवालों के जवाबों में से कुछ-न-कुछ का समाधान अवश्य पाएंगे। जैसे- योगासन और प्राणायाम में अंतर, प्राणायाम के प्रकार, प्राणायाम के नियम,प्राणायाम की विधि,प्राणायाम के नियम,प्राणायाम की परिभाषा,प्राणायाम की चार प्रक्रिया,योगासन और प्राणायाम में अंतर,अनुलोम विलोम प्राणायाम के लाभ,प्राणायाम की उपयोगिता,प्राणायाम का महत्व। कुंडलिनी, जप, तप, ध्यान, कीर्तन, भक्ती, ज्ञान, कर्म, मुद्रा, बंध, शक्तिचालन, प्राणायाम, शक्तिपात इत्यादि की विभिन्न शक्तियां कैसे प्राप्त होती है? यह सारी जानकारी दृष्टियोग साधना से संपन्न हो जाती है। इत्यादि बातें। 

आइए, पहले गुरु महाराज का दर्शन कर ले।

गुरुदेव और गार्डन
गुरुदेव और गार्डन

अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना

संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "श्री गीता योग प्रकाश" के अध्याय 04, (ग)  में बताया गया है कि प्राणायाम में निरत प्राणवायू और अपानवायु दोनों को रोककर अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना क्या है? इसके लिए गुरु महाराज का कहना है की दृष्टियोग का साधन अत्यंत सुलभ है। तो आइए गुरु महाराज के इस विचार को उन्हीं के शब्दों में पाठ करें।

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गीता लेख चित्र 11
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गीता लेख चित्र 12
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गीता लेख चित्र 13
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गीता लेख चित्र 14
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गीता लेख चित्र 15
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     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "श्रीगीता योग प्रकाश" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि  प्राणायाम में निरत प्राणवायू और अपानवायु दोनों को रोककर अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना क्या है? इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। निम्न वीडियो मेंं उपर्युक्त वाणी का पाठ किया है, उसे सुनें।


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G02, (ख) What is the numerical sum of Shrimad Bhagwat Geeta - सद्गुरु महर्षि मेंही

G04, (ग) अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना --महर्षि मेंहीं G04, (ग) अपानवायु को प्राणवायु में और प्राणवायु को अपानवायु में होमना --महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/26/2018 Rating: 5

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