G00, (घ) शिव ही गुरु है।।भगवान ही गुरु हैं।।कहने वाले सोचें। - SatsangdhyanGeeta

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G00, (घ) शिव ही गुरु है।।भगवान ही गुरु हैं।।कहने वाले सोचें।

श्री गीतयोग प्रकाश की भूमिका / घ

     प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "श्री गीता योग प्रकाश" की भूमिका G00, (घ) के अनुसार  गुरु की आवश्यकता सबको है। इस लेख के पहले भाग  को पढ़ने के लिए        यहां दबाएं

प्रहरी के समान गुरुदेव
प्रहरी के समान गुरुदेव

गीतोपदेश कल्याणकारी है-


     गीता का उपदेश सबके लिए कल्याणकारी है इसलिए श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश गुरुदेव के दृष्टिकोण से पढ़ें सुने और समझकर जीवन में उतारें।

भूमिका चित्र 13
भूमिका चित्र 13

भूमिका चित्र 14
भूमिका चित्र 14



भूमिका समाप्त
भूमिका समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "श्रीगीता योग प्रकाश" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि   गुरु की आवश्यकता सबको  है । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। भूमिका के बाद प्रथम अध्याय पढ़नेेे के लििए      यहां दबाएं


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G00, (घ) शिव ही गुरु है।।भगवान ही गुरु हैं।।कहने वाले सोचें। G00, (घ) शिव ही गुरु है।।भगवान ही गुरु हैं।।कहने वाले सोचें। Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/25/2018 Rating: 5

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