G12, (क) निर्गुण और सगुण भक्तों में श्रेष्ठ कौन ? -महर्षि मेंहीं - SatsangdhyanGeeta

Ad1

Ad4

G12, (क) निर्गुण और सगुण भक्तों में श्रेष्ठ कौन ? -महर्षि मेंहीं

 श्री गीता योग प्रकाश, /12 क

      प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "श्री गीता योग प्रकाश" के अध्याय 12 के अनुसार निर्गुण और सगुण भक्तों में श्रेष्ठ कौन ? तो आइए गुरु महाराज के लेख का पाठ करें- 

पूज्यपाद गुरुदेव
पूज्यपाद गुरुदेव


गीता अध्याय 12 लेख चित्र 1
गीता अध्याय 12, लेख चित्र 1

               ईश्वर भक्तों में कौन श्रेष्ठ है                      ईश्वर भक्तों में है प्राय: होर लगा रहता है कि हम श्रेष्ठ भक्त हैं, तो हम श्रेष्ठ भक्त हैं । यहां श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय १२ में भगवान श्री कृष्ण स्पष्ट कर देते हैं कि जिस भक्ति का प्रचार ज्यादा है, वह श्रेष्ठ भक्ति है श्रेष्ठ भक्ति में सगुण भक्ति ही आता है। क्योंकि सगुण भक्ति करने वाले बहुत लोग हैं। यह भक्ति करना बहुत आसान है, सगुण भक्ति करने वाले एक दूसरे को देख कर ही भक्ति शुरू कर देते  हैं। एकमात्र दूसरे की देखा-देखी ही लोग करते हैं। इसलिए ऐसे भक्तों की संख्या सबसे ज्यादा है। लेकिन निर्गुण भक्ति करने के लिए गुरु द्वारा प्राप्त ज्ञान के आधार पर ही चलना पड़ता है।


गीता अध्याय 12, लेख चित्र 2
गीता अध्याय 12, लेख चित्र 2

     गुरु महाराज की दृष्टि में सभी भक्त बराबर हैं। 

      गुरु महाराज स्पष्ट कर देते हैं कि दोनों ही तरह के साधकों को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है । चूंकि सगुण भक्ति का प्रचार ज्यादा है। इसलिए सगुण भक्ति वाले को श्रेष्ठ माना गया है और निर्गुण भक्ति वाले भी परमात्मा को ही प्राप्त करते हैं। जबकि सगुण भक्ति करने वाले को भी निर्गुण भक्ति करनी ही पड़ती है। बिना निर्गुण भक्ति किए भक्ति की पूर्णता ही नहीं है

गीता अध्याय 12, लेख चित्र 3
गीता अध्याय 12, लेख चित्र 3

     अतः सभी भक्तों को चाहिए कि वे आपस में मिल जुलकर भक्ति भावना करते हुए ईश्वर के सगुण एवं निर्गुण दोनों स्वरूपों के दर्शन करें।

गीता अध्याय 12, लेख चित्र 4
गीता अध्याय 12, लेख चित्र 4

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "श्रीगीता योग प्रकाश" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि निर्गुण और सगुण दोनों भक्तों ईश्वर दर्शन में बराबर कष्ट हैं   । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस लेख के शेष भाग को पढ़ने के लिए        यहां दबाएं


G12, (क) निर्गुण और सगुण भक्तों में श्रेष्ठ कौन ? -महर्षि मेंहीं G12, (क)  निर्गुण और सगुण भक्तों में श्रेष्ठ कौन ? -महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 8/03/2018 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रभु-प्रेमी पाठको ! ईश्वर प्राप्ति के संबंध में ही चर्चा करते हुए कुछ टिप्पणी भेजें। श्रीमद्भगवद्गीता पर बहुत सारी भ्रांतियां हैं ।उन सभी पर चर्चा किया जा सकता है।
प्लीज नोट इंटर इन कमेंट बॉक्स स्मैम लिंक

Ad3

Blogger द्वारा संचालित.